मुंबई
महाराष्ट्र में आउटडोर मजदूर दोपहर 12 से 4 बजे तक काम नहीं करेंगे। महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए आदेश जारी किया है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकार ने ज़्यादा जोखिम वाले ज़िलों में आउटडोर मज़दूरों की सुरक्षा के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की घोषणा की। इसके तहत, दोपहर में काम करने पर रोक लगाई गई है और काम की शिफ्टों को ठंडे समय में रीशेड्यूल किया गया है।

कहां लागू होगी SOP
राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने ज़ोर देकर कहा कि यह SOP खास तौर पर निर्माण, औद्योगिक और वेंडिंग (ठेला लगाने वाले) क्षेत्रों में लागू करना अनिवार्य है। साथ ही, ज़िला और शहरी स्थानीय निकायों को इसका पालन सुनिश्चित करने के लिए औपचारिक सर्कुलर जारी करना ज़रूरी है। SOP राज्य के उन 15 जिलों में अनिवार्य रूप से लागू होगी जिन्हें हीटवेव के प्रति अत्यधिक संवेदनशील माना गया है, जिनमें विदर्भ, मराठवाड़ा और खानदेश के जिले प्रमुख हैं। यह नियम निर्माण कार्य, औद्योगिक इकाइयों, स्ट्रीट वेंडिंग, स्वच्छता कर्मचारियों, ट्रैफिक पुलिस, डिलीवरी वर्कर्स, रिक्शा चालकों और अन्य दैनिक वेतन भोगी मजदूरों पर लागू होगा।

अनिवार्य ब्रेक देना ज़रूरी होगा
उन्होंने बताया कि इस SOP में यह सुझाव दिया गया है कि गर्मी के अलर्ट के दौरान, बाहर किए जाने वाले कामों को ठंडे समय यानी सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक के समय में शिफ्ट कर दिया जाए। वहीं, ऑरेंज और रेड अलर्ट के दौरान दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक काम से अनिवार्य ब्रेक देना ज़रूरी होगा।
